आप अपने नवजात शिशु के पहले चेकअप पर हैं और डॉक्टर आपको बताते हैं कि उन्हें आपके बेटे का एक (या दोनों) अंडकोष (testis) अंडकोष-थैली (scrotum) में महसूस नहीं हुआ। या शायद आपने नहलाते समय ख़ुद इसे नोटिस किया हो। जो भी हो, आप शायद सवालों से भरे दिमाग़ और चिंता से भरे दिल के साथ घर लौटे होंगे।
यह मार्गदर्शिका आपको स्पष्ट, ईमानदार उत्तर देने के लिए लिखी गई है — वही उत्तर जो मैं अपने क्लिनिक में हर दिन माता-पिता को देता हूँ।
“बिना उतरा अंडकोष (undescended testis)” का क्या मतलब है?
गर्भावस्था के दौरान अंडकोष शिशु के पेट के अंदर बनते हैं और सामान्यतः जन्म से पहले अंडकोष-थैली में उतर जाते हैं। कुछ लड़कों में — पूरे समय पर जन्मे लगभग 1–4% शिशुओं और समय से पहले जन्मे 15–45% शिशुओं में — एक या दोनों अंडकोष यह यात्रा पूरी नहीं कर पाते। इसे क्रिप्टॉर्किडिज़्म (cryptorchidism) या बिना उतरा अंडकोष (undescended testis) कहते हैं।
अच्छी ख़बर यह है: लगभग एक-तिहाई से आधे मामलों में अंडकोष जीवन के पहले 3–6 महीनों के भीतर अपने-आप उतर जाता है। 6 महीने के बाद अपने-आप उतरना बहुत ही असंभावित हो जाता है।
अगर इलाज न हो तो इससे फ़र्क़ क्यों पड़ता है?
यहीं कई माता-पिता इस समस्या को कम आँक लेते हैं। बिना उतरा अंडकोष केवल दिखावटी (cosmetic) चिंता नहीं है। यदि इसका इलाज सुझाई गई उम्र के बाद तक न किया जाए:
- प्रजनन-क्षमता (fertility) प्रभावित हो सकती है — स्वस्थ शुक्राणु बनाने के लिए अंडकोष को अंडकोष-थैली के ठंडे तापमान की ज़रूरत होती है
- अंडकोष के मरोड़ (testicular torsion) का ख़तरा बढ़ जाता है — अंडकोष मुड़ सकता है और उसका रक्त-प्रवाह बंद हो सकता है (शल्य आपातकाल)
- वयस्कता में अंडकोष के कैंसर (testicular cancer) का ख़तरा अधिक होता है — हालाँकि कुल मिलाकर ख़तरा कम रहता है, यह उतरे हुए अंडकोष की तुलना में 2–10 गुना अधिक होता है (मौजूदा आँकड़े)
- बढ़ते बच्चे पर मनोवैज्ञानिक असर
सर्जरी के लिए सही उम्र क्या है?
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश 6–18 महीने की उम्र के बीच सर्जरी की सलाह देते हैं — आदर्श रूप से 12 महीने तक।
यह समय-सीमा महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- जल्दी की गई सर्जरी अंडकोष के अधिक ऊतक (tissue) और कार्य को बचाती है
- भविष्य की प्रजनन-क्षमता की रक्षा की खिड़की समय-संवेदनशील है
- प्रशिक्षित टीम द्वारा किए जाने पर इस उम्र में बेहोशी (anaesthesia) और सर्जरी सुरक्षित हैं
स्कूल जाने की उम्र या किशोरावस्था तक इंतज़ार न करें। जागरूकता की कमी के कारण यह एक आम ग़लती है, और इसके वास्तविक परिणाम होते हैं।
सर्जरी में क्या होता है?
इस प्रक्रिया को ऑर्किडोपेक्सी (orchidopexy) कहते हैं — अंडकोष जहाँ भी हो (जाँघ का जोड़ / groin, पेट) वहाँ से उसे नीचे अंडकोष-थैली में लाकर वहीं स्थिर करना।
- यह सामान्य बेहोशी (general anaesthesia) में की जाती है
- इसमें 30–60 मिनट लगते हैं
- आमतौर पर यह एक डे-केयर प्रक्रिया है (उसी दिन घर)
- जो अंडकोष महसूस नहीं हो पाते (impalpable testes) उनके लिए लैप्रोस्कोपिक (छेद वाली / keyhole) विधि इस्तेमाल की जाती है
- रिकवरी तेज़ होती है — ज़्यादातर बच्चे एक सप्ताह के भीतर सामान्य गतिविधियों पर लौट आते हैं
अगर अंडकोष बिल्कुल महसूस ही न हो तो?
यदि आप या आपके डॉक्टर जाँच में अंडकोष महसूस न कर पाएँ, तो वह हो सकता है:
- पेट के अंदर (intra-abdominal)
- अनुपस्थित (लुप्त अंडकोष / vanishing testis — अंडकोष मौजूद था पर विकास के दौरान रक्त-प्रवाह की समस्याओं के कारण नष्ट हो गया)
पेट के अंदर के अंडकोष को खोजने के लिए डायग्नोस्टिक लैप्रोस्कोपी (keyhole कैमरा प्रक्रिया) सबसे उत्तम (gold standard) है — इन मामलों में इमेजिंग (अल्ट्रासाउंड) अक्सर भरोसेमंद नहीं होती।
माता-पिता अक्सर जो सवाल पूछते हैं
“क्या हम बस निगरानी करके इंतज़ार कर सकते हैं?”
केवल तभी जब बच्चा 6 महीने से छोटा हो। उसके बाद बिना कोई कदम उठाए सिर्फ़ निगरानी करना सलाह-योग्य नहीं है।
“क्या एक अंडकोष काफ़ी है? क्या मेरा बेटा प्रजनन-क्षम होगा?”
एक स्वस्थ, उतरा हुआ अंडकोष आमतौर पर सामान्य हार्मोन-उत्पादन और प्रजनन-क्षमता के लिए पर्याप्त होता है।
“क्या सर्जरी का मेरे बेटे पर लंबे समय तक असर पड़ेगा?”
सही उम्र में, बाल शल्य चिकित्सक द्वारा की गई ऑर्किडोपेक्सी के परिणाम बहुत अच्छे होते हैं। इलाज न कराने का ख़तरा सर्जरी के ख़तरे से कहीं अधिक है।
अपने बेटे के अंडकोष को लेकर चिंतित हैं? डॉ. तनमय मोतीवाला AIIMS-प्रशिक्षित बाल शल्य चिकित्सक एवं मूत्र-रोग विशेषज्ञ हैं, जो रायपुर और जगदलपुर में मरीज़ों को देखते हैं। जल्दी जाँच भविष्य की जटिलताओं से बचाती है। बुक करें: +91 8319084711।
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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण: यह लेख पूरी तरह शैक्षिक एवं जागरूकता के उद्देश्य से दिया गया है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है, और इसे OPD या क्लिनिकल परामर्श नहीं माना जाना चाहिए। हर बच्चा अलग होता है — एक जैसे दिखने वाले लक्षणों के कारण अलग हो सकते हैं। यदि आपके बच्चे में यहाँ बताई गई कोई भी स्थिति या लक्षण हैं, तो कृपया जाँच और व्यक्तिगत सलाह के लिए अपने नज़दीकी योग्य बाल शल्य चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श करें। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ।







