बच्चे में एक बार मूत्र संक्रमण (UTI) होना ही काफ़ी चिंता की बात है। पर जब यह बार-बार लौटता रहे — हर कुछ महीनों में, वही बुखार, वही रोना, वही एंटीबायोटिक — तो ज़्यादातर माता-पिता वह सवाल पूछने लगते हैं जिसका जवाब शायद उनके बाल-रोग विशेषज्ञ ने अभी तक नहीं दिया: “क्या मेरे बच्चे के गुर्दे (kidney) या मूत्राशय (bladder) में कोई गड़बड़ है?”
अक्सर, इसका उत्तर हाँ होता है — और यह इलाज-योग्य है।
पहले — बच्चे में UTI क्या है?
मूत्र-मार्ग संक्रमण (UTI) तब होता है जब बैक्टीरिया (आमतौर पर आँत से आने वाला E. coli) मूत्र-मार्ग में घुसकर उसे संक्रमित कर देते हैं — मूत्राशय (निचला UTI) या गुर्दे (ऊपरी UTI, जिसे पाइलोनेफ्राइटिस / pyelonephritis भी कहते हैं)।
बच्चों में लक्षण उम्र के अनुसार अलग-अलग होते हैं:
शिशुओं और छोटे बच्चों में:
- तेज़, बिना कारण का बुखार
- चिड़चिड़ापन, ठीक से दूध/खाना न लेना
- बदबूदार पेशाब
- उल्टी
बड़े बच्चों में:
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- बार-बार, तुरंत पेशाब जाने की ज़रूरत
- सूखा रहने लगने के बाद फिर से बिस्तर गीला करना
- पेट के निचले हिस्से या पीठ में दर्द
किसी भी उम्र के लड़के में एक बार भी UTI, या 2 वर्ष से कम उम्र की लड़की में बुखार के साथ UTI — इनकी हमेशा आगे जाँच होनी चाहिए। ये चेतावनी के संकेत (red flags) हैं कि संरचना में कुछ गड़बड़ हो सकती है।
UTI बार-बार क्यों लौटता है?
बच्चों में बार-बार होने वाला UTI — जिसे आमतौर पर 6 महीनों में 2 या अधिक बार होने के रूप में परिभाषित किया जाता है — अक्सर मूत्र-प्रणाली में किसी अंतर्निहित असामान्यता की ओर इशारा करता है। सबसे आम कारण:
1. वेसिकोयूरेटरल रिफ्लक्स (VUR)
सबसे आम पाया जाने वाला कारण। सामान्य रूप से, पेशाब एक ही दिशा में बहता है: गुर्दों से मूत्रवाहिनियों (ureters) तक, फिर मूत्राशय तक और बाहर। VUR में, जब बच्चा पेशाब करता है तो पेशाब मूत्राशय से उल्टा गुर्दों की ओर बहता है। यह बैक्टीरिया को ऊपर की ओर ले जाता है, जिससे बार-बार गुर्दे का संक्रमण (पाइलोनेफ्राइटिस) होता है, जो समय के साथ गुर्दों पर स्थायी घाव (scar) बना सकता है।
VUR लगभग 100 में से 1 बच्चे को प्रभावित करता है, पर बुखार वाले UTI के लिए जाँचे गए 30–40% बच्चों में यह पाया जाता है।
2. पेल्वी-यूरेटरिक जंक्शन (PUJ) अवरोध
वह रुकावट जहाँ मूत्रवाहिनी गुर्दे से मिलती है, जिससे पेशाब इकट्ठा होकर रुका रहता है — संक्रमण के लिए एकदम उपयुक्त वातावरण। अक्सर जन्म-पूर्व अल्ट्रासाउंड में पता चल जाता है पर कभी-कभी छूट जाता है।
3. पोस्टीरियर यूरेथ्रल वाल्व (लड़कों में)
मूत्रमार्ग (urethra) में असामान्य ऊतक की तहें जो पेशाब के बहाव को आंशिक रूप से रोकती हैं। यह बार-बार UTI पैदा कर सकती हैं और गंभीर मामलों में, जन्म से ही गुर्दे को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
4. मूत्राशय की कार्य-गड़बड़ी
जो बच्चे बहुत देर तक पेशाब रोके रखते हैं, कब्ज़ (constipation) रखते हैं, या जिनका मूत्राशय अति-सक्रिय (overactive) होता है, उनमें ख़तरा अधिक होता है।
मेरे बच्चे को कौन-सी जाँचों की ज़रूरत है?
पुष्ट UTI के बाद, आपके डॉक्टर को ये कराने चाहिए:
- यूरिन कल्चर (urine culture) — संक्रमण की पुष्टि और बैक्टीरिया की पहचान के लिए
- गुर्दों और मूत्राशय का अल्ट्रासाउंड — पहली पंक्ति की इमेजिंग, संरचनात्मक असामान्यताओं की जाँच करता है
- MCUG (मिक्चुरेटिंग सिस्टोयूरेथ्रोग्राम) — VUR का निदान करने के लिए एक विशेष एक्स-रे (2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बुखार वाले UTI के बाद, या बार-बार UTI होने पर अनुशंसित)
- DMSA स्कैन — गुर्दे पर घाव (scarring) की जाँच के लिए एक न्यूक्लियर मेडिसिन स्कैन
छत्तीसगढ़ में कई परिवार अल्ट्रासाउंड पर ही रुक जाते हैं। यह अक्सर पर्याप्त नहीं होता। VUR मौजूद होने पर भी अल्ट्रासाउंड सामान्य दिख सकता है।
बार-बार UTI वाले बच्चे को सर्जरी की ज़रूरत कब होती है?
हमेशा नहीं — पर अक्सर।
VUR का प्रबंधन उसके ग्रेड (I–V) के आधार पर किया जाता है। कम-ग्रेड का VUR अक्सर अपने-आप ठीक हो जाता है। उच्च-ग्रेड का VUR (ग्रेड IV–V) या ऐसा VUR जो एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस से ठीक न हो, आमतौर पर इनकी ज़रूरत होती है:
- एंडोस्कोपिक इंजेक्शन (STING/HIT प्रक्रिया) — एक न्यूनतम-चीरा वाली डे-केयर प्रक्रिया जिसमें मूत्रवाहिनी के मुँह पर एक बल्किंग एजेंट इंजेक्ट किया जाता है
- यूरेटेरिक रीइम्प्लांटेशन — मूत्रवाहिनी को सही कोण पर मूत्राशय से दोबारा जोड़ने की सर्जरी
लक्षण या गुर्दे को नुकसान पैदा करने वाले PUJ अवरोध को सर्जरी की ज़रूरत होती है — लैप्रोस्कोपिक या रोबोटिक पाइलोप्लास्टी (pyeloplasty) — जिसकी सफलता दर बहुत अच्छी है।
पोस्टीरियर यूरेथ्रल वाल्व का इलाज एंडोस्कोपिक वाल्व एब्लेशन से किया जाता है — बिना किसी चीरे के मूत्रमार्ग के रास्ते कैमरे से की जाने वाली प्रक्रिया।
गुर्दे पर घाव (scarring) की समस्या
यही कारण है कि जल्दी कार्रवाई करना मायने रखता है। गुर्दे के संक्रमण (पाइलोनेफ्राइटिस) का हर एक दौर गुर्दे पर एक छोटा घाव छोड़ सकता है। बार-बार घाव बनने के दौर इनकी ओर ले जा सकते हैं:
- बचपन या वयस्कता में उच्च रक्तचाप (hypertension)
- गुर्दे की कार्यक्षमता में कमी
- दुर्लभ रूप से, गंभीर मामलों में गुर्दे की विफलता (kidney failure)
यदि अंतर्निहित कारण को जल्दी ढूँढकर उसका इलाज कर दिया जाए, तो घाव बनने को रोका जा सकता है।
आपको क्या करना चाहिए?
यदि आपके बच्चे को एक से अधिक बार बुखार के साथ UTI हुआ है, या किसी लड़के को एक बार भी UTI हुआ है:
- अपने बाल-रोग विशेषज्ञ से किसी बाल मूत्र-रोग विशेषज्ञ (pediatric urologist) के पास भेजने को कहें
- अल्ट्रासाउंड पर ही न रुकें — MCUG के बारे में पूछें
- हर UTI के दौर, बैक्टीरिया और इलाज का रिकॉर्ड रखें
जल्दी जाँच + सही इलाज = जीवन-भर स्वस्थ गुर्दे।
डॉ. तनमय मोतीवाला रायपुर में बाल शल्य चिकित्सक एवं मूत्र-रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने AIIMS जोधपुर से प्रशिक्षण लिया है। वे रायपुर, जगदलपुर और राजिम में बार-बार UTI, VUR और गुर्दे की असामान्यताओं वाले बच्चों की जाँच और इलाज करते हैं। अपॉइंटमेंट बुक करें: +91 8319084711 या देखें drmotiwalapediatricsurgeonraipur.com
📋 यह लेख डॉ. मोतीवाला की रायपुर में बाल मूत्र-रोग (Pediatric Urology) सेवाओं का हिस्सा है — इलाज की जाने वाली सभी स्थितियाँ, क्या अपेक्षा करें, और बाल शल्य चिकित्सक को कब दिखाएँ, देखें।
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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण: यह लेख पूरी तरह शैक्षिक एवं जागरूकता के उद्देश्य से दिया गया है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है, और इसे OPD या क्लिनिकल परामर्श नहीं माना जाना चाहिए। हर बच्चा अलग होता है — एक जैसे दिखने वाले लक्षणों के कारण अलग हो सकते हैं। यदि आपके बच्चे में यहाँ बताई गई कोई भी स्थिति या लक्षण हैं, तो कृपया जाँच और व्यक्तिगत सलाह के लिए अपने नज़दीकी योग्य बाल शल्य चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श करें। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ।







