क्या आपने ध्यान दिया है कि आपके शिशु बेटे के अंडकोष की थैली (scrotum) का एक हिस्सा दूसरे से बड़ा दिखता है? या यह कि जब वह रोता है तो सूजन बढ़ जाती है और जब वह सोता है तो घट जाती है? सबसे संभावित रूप से, यह एक हाइड्रोसील (hydrocele) है।
यह उन सबसे आम समस्याओं में से एक है जो मैं रायपुर में अपने बाल शल्य चिकित्सा क्लिनिक में देखता हूँ — और जिसके बारे में माता-पिता ज़रूरत से कहीं अधिक चिंता करते हैं। ज़्यादातर शिशुओं में हाइड्रोसील को धैर्य की ज़रूरत होती है, सर्जरी की नहीं।
हाइड्रोसील क्या है?
हाइड्रोसील बस अंडकोष (testicle) के चारों ओर तरल पदार्थ है। अंडकोष स्वयं स्वस्थ होता है। वह बस पानी की एक छोटी थैली के भीतर बैठा होता है, इसीलिए अंडकोष की थैली फूली हुई दिखती है और छूने में मुलायम लगती है।
ऐसा क्यों होता है? जन्म से पहले, अंडकोष पेट के भीतर से एक छोटी सुरंग (tunnel) के रास्ते नीचे अंडकोष की थैली में उतरता है। सामान्यतः यह सुरंग जन्म से पहले बंद हो जाती है। यदि यह थोड़ी-सी भी खुली रह जाए, तो पेट से थोड़ा तरल अंडकोष की थैली में टपक सकता है। यही हाइड्रोसील है।
इसके दो सरल प्रकार होते हैं:
- बंद प्रकार (Closed type) — सुरंग बंद हो चुकी है, पर कुछ तरल पीछे रह गया है। सूजन पूरे दिन एक ही आकार की रहती है।
- खुला प्रकार (Open type) — सुरंग अब भी खुली है। जब शिशु खड़ा हो या रो रहा हो तो सूजन बढ़ती है, और जब वह लेटता है तो घटती है।
यह कितना आम है?
बहुत आम। लगभग हर 20 में से 1 नवजात लड़के को हाइड्रोसील होता है। जन्म के समय ज़्यादातर शिशु लड़कों में सुरंग अब भी खुली होती है — वह बस अभी बंद होना पूरा नहीं कर पाई होती। इसलिए नवजात में हाइड्रोसील लगभग कभी आपातकाल नहीं होता।
हाइड्रोसील या हर्निया? दोनों में क्या अंतर है?
माता-पिता अक्सर चिंता करते हैं कि सूजन कहीं हर्निया तो नहीं। दोनों उसी छोटी सुरंग से शुरू होते हैं — पर हर्निया में आँत का एक टुकड़ा उतर आता है, जबकि हाइड्रोसील में केवल तरल होता है। हर्निया गंभीर हो सकता है; एक साधारण हाइड्रोसील लगभग कभी नहीं होता।
क्लिनिक में हम इन्हें इस तरह पहचानते हैं:
- हाइड्रोसील चमकता है जब त्वचा पर एक छोटी टॉर्च लगाई जाती है (यह पानी के गुब्बारे की तरह जगमगा उठता है)।
- हाइड्रोसील के ऊपर एक सामान्य कॉर्ड (cord) महसूस किया जा सकता है। हर्निया कमर (groin) में और ऊपर तक जाता है।
- हाइड्रोसील धीरे-धीरे निकलता है जब शिशु लेटता है। हर्निया अधिक अचानक वापस अंदर चला जाता है।
एक महत्वपूर्ण नियम: यह “जाँचने” के लिए कि सूजन क्या है, किसी को भी सुई से अंडकोष की थैली की सूजन निकालने न दें। निदान केवल जाँच से होता है, इससे अधिक कुछ नहीं।
क्या यह अपने-आप ठीक हो जाएगा?
हाँ — ज़्यादातर शिशुओं में। जीवन के पहले महीनों में सुरंग बंद होती रहती है, और फँसा हुआ तरल शरीर द्वारा धीरे-धीरे सोख लिया जाता है। ज़्यादातर हाइड्रोसील 1 से 2 वर्ष की उम्र तक ग़ायब हो जाते हैं।
इसलिए मुलायम, दर्द-रहित हाइड्रोसील वाले स्वस्थ शिशु के लिए सही योजना सरल है: देखें और प्रतीक्षा करें। कोई दवा नहीं। कोई मालिश नहीं। कोई तंग कपड़े नहीं। बस नियमित फ़ॉलो-अप।
इसमें सर्जरी की ज़रूरत कब पड़ती है?
सर्जरी सही उत्तर तब बनती है जब:
- हाइड्रोसील 18–24 महीने की उम्र के बाद भी मौजूद हो।
- सूजन बढ़ रही हो, तनी हुई हो, या असहज कर रही हो।
- हम हर्निया की संभावना को ख़ारिज न कर पाएँ।
एक साधारण हाइड्रोसील अंडकोष को नुक़सान नहीं पहुँचाता, आगे चलकर बाँझपन (infertility) का कारण नहीं बनता, और दर्दनाक नहीं होता। इसलिए हमारे पास निर्णय लेने का समय होता है — नवजात को जल्दबाज़ी में ऑपरेशन थिएटर में ले जाने की कोई ज़रूरत नहीं।
सर्जरी कैसी होती है?
बच्चों में हाइड्रोसील की सर्जरी वयस्कों में की जाने वाली सर्जरी से पूरी तरह अलग होती है। हम अंडकोष की थैली को काटकर नहीं खोलते।
- कमर की प्राकृतिक तह में एक छोटा चीरा (लगभग 2 सेमी) लगाया जाता है।
- खुली सुरंग को कॉर्ड से धीरे-से अलग किया जाता है और पेट की दीवार के पास बाँध दिया जाता है।
- तरल निकल जाता है, और जो कुछ बचता है उसे शरीर सोख लेता है।
यह ऑपरेशन जनरल एनेस्थीसिया (general anaesthesia) के तहत लगभग 30–45 मिनट लेता है। यह एक डे-केयर सर्जरी है — आपका बच्चा सुबह आता है और उसी शाम घर चला जाता है।
सर्जरी के बाद
- अंडकोष की थैली में कुछ सूजन या नील पड़ना सामान्य है और 4–6 सप्ताह में ठीक हो जाता है।
- एक-दो दिन की हल्की तकलीफ़ पैरासिटामोल से संभल जाती है।
- टाँके अपने-आप घुल जाते हैं — निकालने के लिए कुछ नहीं होता।
- बच्चे 4–5 दिन में स्कूल लौट आते हैं और लगभग 2 सप्ताह में दौड़ने और खेलकूद पर।
- दोबारा होना असामान्य है। प्रशिक्षित हाथों में गंभीर समस्याएँ बहुत दुर्लभ हैं।
माता-पिता के आम सवाल
क्या इससे आगे चलकर उसकी प्रजनन क्षमता (fertility) पर असर पड़ेगा? नहीं।
क्या यह हमारी वजह से हुआ? नहीं — यह कुछ ऐसा है जिसके साथ शिशु जन्म लेता है।
क्या दोनों तरफ़ हो सकता है? हाँ, हालाँकि एक तरफ़ (आमतौर पर दाईं ओर) अधिक आम है।
क्या मुझे इसे दबाना या मालिश करनी चाहिए? नहीं। दबाव से कोई फ़ायदा नहीं होता और इसकी ज़रूरत भी नहीं है।
बाल शल्य चिकित्सक को कब दिखाएँ
परामर्श के लिए आएँ यदि:
- सूजन 18 महीने के बाद भी मौजूद हो।
- सूजन बढ़ रही हो या कड़ी हो।
- सूजन अचानक, दर्दनाक, कड़ी या लाल हो जाए — यह एक आपातकाल है, सीधे अस्पताल जाएँ।
बच्चों के लिए सही विशेषज्ञ एक बाल शल्य चिकित्सक है, न कि सामान्य शल्य चिकित्सक। छोटे बच्चे में यह सर्जरी नाज़ुक होती है और वयस्कों वाले संस्करण से बहुत अलग होती है।
डॉ. तनमय मोतीवाला रायपुर, छत्तीसगढ़ में कार्यरत एक बाल शल्य चिकित्सक हैं। वे शिशुओं और बच्चों के लिए डे-केयर हाइड्रोसील और हर्निया की मरम्मत करते हैं। परामर्श बुक करने के लिए, संपर्क पृष्ठ (Contact page) पर जाएँ या सीधे क्लिनिक को कॉल करें।
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स्रोत: Coran’s Pediatric Surgery (7th ed); Rob & Smith Operative Pediatric Surgery (7th ed); DK Gupta Pediatric Surgery Vol 1.
📋 यह लेख डॉ. मोतीवाला की रायपुर में बाल मूत्र-रोग (Pediatric Urology) सेवाओं का हिस्सा है — इलाज की जाने वाली सभी स्थितियाँ, क्या अपेक्षा करें, और बाल शल्य चिकित्सक को कब दिखाएँ, देखें।
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अपने बच्चे को लेकर चिंतित हैं? डॉ. तनमय मोतीवाला रायपुर, जगदलपुर और राजिम में परामर्श देते हैं। अपॉइंटमेंट बुक करें या कॉल करें +91 83190 84711।
⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण: यह लेख पूरी तरह शैक्षिक एवं जागरूकता के उद्देश्य से दिया गया है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है, और इसे OPD या क्लिनिकल परामर्श नहीं माना जाना चाहिए। हर बच्चा अलग होता है — एक जैसे दिखने वाले लक्षणों के कारण अलग हो सकते हैं। यदि आपके बच्चे में यहाँ बताई गई कोई भी स्थिति या लक्षण हैं, तो कृपया जाँच और व्यक्तिगत सलाह के लिए अपने नज़दीकी योग्य बाल शल्य चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श करें। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ।







