शिशुओं में नाभि हर्निया (Umbilical Hernia): कब इंतज़ार करें, कब सर्जरी

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Dr. Tanmay Motiwala

pediatric surgeon raipur

Umbilical hernia in babies: cross-section diagram with coin myth warning

शिशु की उभरी हुई नाभि (belly button) रायपुर में मेरे बाल शल्य चिकित्सा क्लिनिक में माता-पिता को लाने वाली सबसे आम चिंताओं में से एक है। अच्छी खबर सीधी है: लगभग हर शिशु में, नाभि हर्निया (umbilical hernia) बिना किसी इलाज के अपने-आप बंद हो जाती है

बुरी खबर यह है कि इसके बारे में बहुत सी नेक-नीयत पर बेकार सलाहें मौजूद हैं — नाभि पर सिक्का चिपकाना, कसकर पेट बाँधना, खास तेल — इनमें से कोई भी वास्तव में काम नहीं करता। यहाँ वह है जो माता-पिता को सचमुच जानना चाहिए।

नाभि हर्निया क्या है?

जन्म से पहले, गर्भनाल (umbilical cord) आपके शिशु के पेट की दीवार में नाभि पर मौजूद एक प्राकृतिक छेद से होकर गुज़रती है। जन्म के बाद, यह छेद तब बंद हो जाना चाहिए जब मांसपेशी आपस में जुड़कर बढ़ती है। कुछ शिशुओं में यह छेद कुछ समय तक खुला रह जाता है। त्वचा से ढकी हुई थोड़ी-सी आँत इस छेद से बाहर की ओर धकेलती है — और यही वह नरम उभार है जो आपको दिखता है।

यह कमर की हर्निया (groin hernia) जैसी नहीं है। शिशु में नाभि हर्निया कहीं कम जोखिम वाली होती है।

यह कितनी आम है?

बहुत आम — लगभग हर 5 में से 1 पूर्ण-अवधि (full-term) नवजात में पाई जाती है (लगभग 20%)। यह इनमें और भी अधिक आम है:

  • समय-पूर्व जन्मे शिशु (premature babies) — छोटे समय-पूर्व शिशुओं में से 75–80% तक में यह होती है।
  • अफ़्रीकी मूल के शिशु।
  • डाउन सिंड्रोम (Down syndrome) या हाइपोथायरॉयडिज़्म (hypothyroidism) जैसी कुछ स्थितियों वाले शिशु।

यह लड़कों और लड़कियों में समान रूप से होती है।

क्या यह अपने-आप बंद हो जाएगी?

हाँ — लगभग हमेशा। माता-पिता के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है।

कमर की हर्निया के विपरीत, नाभि की मांसपेशी का छल्ला जन्म के बाद महीनों और यहाँ तक कि वर्षों तक बंद होता रहता है। लगभग 80% नाभि हर्निया 3 से 5 वर्ष की उम्र तक अपने-आप बंद हो जाती हैं। कोई दवा नहीं, कोई सर्जरी नहीं, कोई खास नुस्खा नहीं — बस समय।

अपने-आप बंद होने की संभावना मांसपेशी में छेद के आकार पर निर्भर करती है, न कि उभार कितना बड़ा दिखता है इस पर। एक छोटा छेद (1.5 सेमी से कम चौड़ा) लगभग हमेशा अपने-आप बंद हो जाता है। एक बड़ा छेद शायद न भी बंद हो।

क्या इसके फँस जाने का जोखिम है?

यही वह बात है जिससे ज़्यादातर माता-पिता डरते हैं, और सच्चाई राहत देने वाली है:

  • नाभि हर्निया के फँसकर रक्त-प्रवाह रुकने (strangulation) का जोखिम लगभग 1,500 में से 1 है — बहुत, बहुत दुर्लभ।
  • यह कमर की हर्निया से कहीं कम जोखिम वाली है, यही कारण है कि दोनों का इलाज बहुत अलग तरीके से किया जाता है।

इसलिए जब तक उभार अचानक कड़ा, दर्दनाक, लाल न हो जाए, या अंदर वापस न जाए, तब तक कोई जल्दबाज़ी की ज़रूरत नहीं है।

सिक्का, टेप, पेट-पट्टी — कृपया न करें

कई भारतीय घरों में, नेक-नीयत रिश्तेदार नाभि पर सिक्का या बटन दबाकर टेप से चिपकाने, या पेट पर कसकर कपड़ा लपेटने की सलाह देते हैं। कुछ कहते हैं कि इससे “हर्निया अंदर चली जाएगी” या “जल्दी ठीक हो जाएगी।”

कृपया ऐसा न करें। हर आधुनिक बाल शल्य चिकित्सा पाठ्यपुस्तक इन्हें अप्रमाणित (discredited) तरीकों के रूप में सूचीबद्ध करती है। ये:

  • मांसपेशी के छेद को ज़रा भी जल्दी बंद नहीं करते।
  • टेप के नीचे त्वचा पर चकत्ते, घाव और संक्रमण पैदा कर सकते हैं।
  • कभी-कभी ऐसे संक्रमण की ओर ले जाते हैं जिसे स्वयं इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
  • “कुछ करने” का झूठा एहसास देते हैं, जबकि असली उत्तर बस इंतज़ार करना है।

सही तरीका है निगरानी, आश्वासन और फ़ॉलो-अप। इससे ज़्यादा कुछ नहीं।

सर्जरी की ज़रूरत कब होती है?

सर्जरी कुछ विशेष स्थितियों के लिए सुरक्षित रखी जाती है:

  1. 4–5 वर्ष की उम्र में भी हर्निया मौजूद हो। यह दुनिया भर में इस्तेमाल की जाने वाली मानक उम्र-सीमा है।
  2. मांसपेशी का छेद बड़ा हो — आमतौर पर 1.5–2 सेमी से अधिक। बड़े छेद शायद ही कभी अपने-आप बंद होते हैं।
  3. हर्निया लंबी और सूंड जैसी हो (“proboscoid”) और स्पष्ट रूप से छोटी न हो रही हो — इसकी मरम्मत जल्दी की जा सकती है।
  4. जटिलताएँ हों — अचानक दर्द, कड़ापन, लाली, या अंदर वापस न जाना। ये आपातकाल हैं।

यदि आपका बच्चा 4 वर्ष से कम का है और हर्निया छोटी, नरम और दर्द-रहित है, तो सही बात है इंतज़ार करना। जल्दी सर्जरी करने का कोई फ़ायदा नहीं है।

सर्जरी कैसी होती है?

यह बाल शल्य चिकित्सा की सरल सर्जरियों में से एक है और डे-केयर प्रक्रिया के रूप में की जाती है।

  • नाभि के ठीक नीचे, प्राकृतिक सिलवट में छिपा हुआ एक छोटा घुमावदार चीरा (2 सेमी से कम) लगाया जाता है।
  • हर्निया की थैली को खोलकर उसके अंदर की चीज़ों को धीरे से पेट में वापस भेज दिया जाता है।
  • मांसपेशी के किनारों को मज़बूत घुलने वाले टाँकों से आपस में सिल दिया जाता है।
  • नाभि के प्राकृतिक “गड्ढे” को फिर से बनाने के लिए एक खास अम्बिलिकोप्लास्टी टाँका (umbilicoplasty stitch) लगाया जाता है — जिससे दिखने में परिणाम बहुत अच्छा होता है।

यह ऑपरेशन जेनरल एनेस्थीसिया (general anaesthesia) में लगभग 30 मिनट लेता है।

सर्जरी के बाद

  • आपके बच्चे को उसी दिन छुट्टी दे दी जाती है।
  • 24–48 घंटे तक की हल्की तकलीफ़ पैरासिटामोल (paracetamol) से संभल जाती है।
  • टाँके अपने-आप घुल जाते हैं।
  • घाव को 3–4 दिन सूखा रखें; इस दौरान केवल स्पंज-बाथ कराएँ।
  • लगभग एक सप्ताह में स्कूल वापस, और 2–3 सप्ताह में खेल-कूद वापस।
  • संक्रमण या थोड़ा रक्त जमा होना लगभग 1% मामलों में होता है।
  • पुनरावृत्ति (recurrence) 1% से कम है।

माता-पिता के आम सवाल

मेरी बच्ची की नाभि रोने पर बहुत बड़ी हो जाती है — क्या यह बुरा है? नहीं। रोने से यह बस ज़्यादा दिखने लगती है। इससे कोई नुकसान नहीं होता।

क्या मुझे पेट के बल लिटाना (tummy-time) या मालिश टालनी चाहिए? नहीं। सामान्य खेल और हल्की मालिश से कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

क्या मैं इसे अंदर वापस धकेल सकता/सकती हूँ? हाँ, नरम नाभि हर्निया आसानी से अंदर चली जाती है। पर इसे बार-बार करने की ज़रूरत नहीं है। अगली बार जब बच्चा रोएगा, यह फिर बाहर निकल आएगी — और यह ठीक है।

क्या सर्जरी से निशान रह जाएगा? निशान नाभि के अंदर छिपा रहता है और लगभग अदृश्य होता है।

मेरा बच्चा 6 साल का है और अब भी यह मौजूद है — क्या बहुत देर हो चुकी है? नहीं। इस उम्र में मरम्मत आसान होती है और परिणाम बहुत अच्छे होते हैं।

बाल शल्य चिकित्सक को कब दिखाएँ

परामर्श बुक करें यदि:

  • आपके बच्चे की नाभि हर्निया 4 वर्ष की उम्र तक बंद नहीं हुई है।
  • छेद बड़ा महसूस होता है (आप उसमें आसानी से उँगली का सिरा डाल सकते हैं)।
  • हर्निया दर्दनाक, लाल, या छूने में तकलीफ़देह है — यह अत्यावश्यक है।
  • उभार अचानक कड़ा हो जाए और अंदर वापस न जाए — तुरंत आपातकालीन कक्ष (emergency room) जाएँ।

बाकी हर चीज़ के लिए — शिशु में छोटी, नरम, दर्द-रहित नाभि का उभार — पाठ्यपुस्तक का उत्तर बस यही है: इंतज़ार करें, निगरानी रखें, और आश्वस्त रहें।


डॉ. तनमय मोतीवाला रायपुर, छत्तीसगढ़ में सेवारत एक बाल शल्य चिकित्सक हैं। वे हर उम्र के बच्चों में डे-केयर नाभि और वंक्षण (inguinal) हर्निया की मरम्मत करते हैं, और दिखने में सुथरे परिणाम पर ध्यान देते हैं। परामर्श बुक करने के लिए, संपर्क पृष्ठ (Contact page) पर जाएँ या सीधे क्लिनिक पर कॉल करें।

संबंधित पठन:

स्रोत: Coran’s Pediatric Surgery (7th ed); Rob & Smith Operative Pediatric Surgery (7th ed); DK Gupta Pediatric Surgery Vol 1.


📋 यह लेख डॉ. मोतीवाला की रायपुर में बाल सामान्य एवं उदर शल्य चिकित्सा (Pediatric General & Abdominal Surgery) सेवाओं का हिस्सा है — इलाज की जाने वाली सभी स्थितियाँ, क्या अपेक्षा करें, और बाल शल्य चिकित्सक को कब दिखाएँ, देखें।


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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण: यह लेख पूरी तरह शैक्षिक एवं जागरूकता के उद्देश्य से दिया गया है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है, और इसे OPD या क्लिनिकल परामर्श नहीं माना जाना चाहिए। हर बच्चा अलग होता है — एक जैसे दिखने वाले लक्षणों के कारण अलग हो सकते हैं। यदि आपके बच्चे में यहाँ बताई गई कोई भी स्थिति या लक्षण हैं, तो कृपया जाँच और व्यक्तिगत सलाह के लिए अपने नज़दीकी योग्य बाल शल्य चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से परामर्श करें। आपातकाल में तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएँ।

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